Thursday, May 14, 2009

गलती थी खुद की
क्यूँ दूजो पर थोपी
क्यों ना माना कभी
की खुद ही गलत थी

गलती थी खुद की
क्यूँ फिर भी मैं रोई
क्यों उन आंसुओ ने
अहमियत खोई

खुद ही के नाटक थे
खुद का ही ड्रामा
हर पल बस था एक और नया बहाना

भागी थी खुद से
पर अब गिर पड़ी हूँ
मंजिल तो छोडो
राहों को तरस रही हूँ
गलती जो की
अब रो रही हूँ
दूजो को छोडो ....खुद को खो रही हूँ

22 comments:

  1. Nice poem Chetali! :)
    Keep on posting!

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  2. hmmmm
    aree itan mat khoo jana ki .kuch bachee hi nhi...
    control urself

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  3. aur chaddha lo ise .... ab issse bhi gande gande maaregi !!! :D

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  4. really..very sweet one..
    yaar likha kr..bahut achhi hai..

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  5. jab se jage tabhi se savera hai.
    achchhi rachna hai
    badhai

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  6. नहीं..नहीं...
    अपने आपको इतना कमजोर करना और समझना ठीक नहीं...

    परिस्थितियां तय करती हैं, हमारे रास्ते...
    हमारी समझ चुनती है, बुनती है....

    बेहतर भावुक पंक्तियां.....

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  7. सुन्दर सकारात्मक अभिव्यक्ति पर बधाई

    एक आध शब्द को देखें क्या यूं ज्यादा ठीक लगेगा



    गलती थी खुद की
    क्यूँ फिर भी मैं रोई
    क्यों उन आंसुओ ने [ने की जगह की या आंसुओंकी थी ]
    अहमियत खोई

    खुद ही के नाटक थे
    खुद का ही ड्रामा
    हर पल बस था एक और नया बहाना

    भागी थी खुद से
    पर अब गिर पड़ी हूँ
    मंजिल तो[ को ] छोडो
    http://gazalkbahane.blogspot.com/
    कम से कम दो गज़ल [वज्न सहित] हर सप्ताह
    http:/katha-kavita.blogspot.com/
    दो छंद मुक्त कविता हर सप्ताह कभी-कभी लघु-कथा या कथा का छौंक भी मिलेगा
    सस्नेह
    श्यामसखा‘श्याम

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  8. aapne , nahut hi acchi nazm likhi hai .. meri badahi sweekar kare...

    pls visit my blog of poems
    http://poemsofvijay.blogspot.com/

    Thanks & Regards

    Vijay

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  9. aapki kavyashailee badhai yogya hai isliye
    HARDIK BADHAI

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  10. आपका हिंदी ब्लॉग की दुनिया में तहेदिल से स्वागत है......

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  11. बहुत अच्छा लिखा है . कृपया मेरा भी साईट देखे और टिप्पणी दे
    वर्ड वेरीफिकेशन हटा दे . इसके लिये तरीका देखे यहा
    http://www.manojsoni.co.nr
    and
    http://www.lifeplan.co.nr

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  12. वान्या की सुनिए और मानिए....
    saikat पर गंदे गंदे मारिए...

    ठीक-ठाक शुरूआत....

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  13. दिलों में हौसला कम हो तो दहशत जीत जाती है....
    इसलिए अपने हौसले को जगाये रखिये....
    निराशाओं से दूर आशा का दीप जलाये रखिये...
    यूं ही लिखते रखिये .....
    कभी वक्त मिले तो इस ब्लॉग के तरफ भी रुख करियेगा........
    http://balsajag.blogspot.com

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  14. खुद की गलती देखना नहीं ये छोटी बात।
    खुद को परिवर्तित करें बदलेंगे दिन रात।।

    सादर
    श्यामल सुमन
    09955373288
    www.manoramsuman.blogspot.com
    shyamalsuman@gmail.com

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  15. It's really great to post my comments on such a blog. I would like to appreciate the great work done by the web master and would like to tell everyone that they should post their interesting comments and should make this blog interesting. Once again I would like to say keep it up to blog owner!!!! http://www.real-photos.blogspot.com/

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  16. Swagat hai,
    Kabhi yahan bhi aayen
    http://jabhi.blogspot.com

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  17. बहुत सुंदर…..आपके इस सुंदर से चिटठे के साथ आपका ब्‍लाग जगत में स्‍वागत है…..आशा है , आप अपनी प्रतिभा से हिन्‍दी चिटठा जगत को समृद्ध करने और हिन्‍दी पाठको को ज्ञान बांटने के साथ साथ खुद भी सफलता प्राप्‍त करेंगे …..हमारी शुभकामनाएं आपके साथ हैं।

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  19. आज आपका ब्लॉग देखा.... बहुत अच्छा लगा. मेरी कामना है कि आपके शब्दों को नये अर्थ, नयी ऊंचाइयां एयर नयी ऊर्जा मिले जिससे वे जन-सरोकारों की सशक्त अभिव्यक्ति का सार्थक माध्यम बन सकें.
    कभी समय निकाल कर मेरे ब्लॉग पर पधारें-
    http://www.hindi-nikash.blogspot.com

    सादर-
    आनंदकृष्ण, जबलपुर
    mobile : 09425800818

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